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Hindi Story-कहानी माँ बेटे की जो दिल को झकझोर के रख देगी | Moral stories in hindi

माँ अपने को हमेसा बहुत प्यार करती है. अपने भले भूखे पेट सो जाये लेकिन अपने बच्चों को कभी भूखा नहीं सोने देती ऐसी होती है माँ. माँ बचपन से ही अपने बच्चों की हर ख्वाईश पूरी करती है चाहे भले मेला देखना हो या कुछ खरीदना हो माँ अपने बच्चों को कभी निरास नहीं होने देती. कैसे भी करके उनकी ख्वाइश पूरी कर देती है. ऐसी होती है माँ. इस Hindi story को पूरा जरुर पड़े माँ के प्रति नजरिया ही बदल जाएगी.

ये कहानी एक माँ और बेटे की है. माँ अपने बेटे को बहुत लाढ प्यार करके पलती है. उसे अच्छा परवरिस देती है. पढाती लिखती है. माँ हमेसा सोचती है की अपने बच्चो को अच्छे से अच्छे कॉलेज में पदाए लिखाये. उनको अच्छी शिक्षा दे. इसी तरह ये माँ भी अपने बेटे को खूब पड़ती लिखाती है. पति बच्चे के छोटी उम्र में ही उसका साथ छोड़ के चले जाते हैं. ये माँ कैसे भी करके बेटे को पढाती लिखाती है. अपने बेटे को पढाने के लिए अपना घर भी बेच देती है.

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पढाई पूरी करने के बाद बेटे की सहर में नौकरी लग जाती है. बेटे को शहर में एक बड़ी कंपनी में मेनेजर के रूप में नौकरी लग जाती है. बेटा माँ को ये बोल के शहर नौकरी करने के लिए चला जाता है की वो कुछ दिन बाद उसे भी वहा अपने साथ बुला लेगा. माँ हंसी ख़ुशी उसे जाने के लिए बोल देती है बेटा शहर चला जाता है नौकरी करने के लिए.

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माँ एक छोटा सा मकान में किराये पे रहती है. कुछ महीनों बाद बेटा शहर से वापस आता है माँ से मिलने के लिए. मन के लिए ढेर सरे कपडे और सामान लाता है. माँ ये सब देख के बहुत खुश हो जाती है. बेटा बोलता है शहर में उसका बहुत बड़ा घर है अगली बार आएगा तो तुझे भी ले चलूँगा मेरे साथ वहां रहेगी हमेसा. माँ ये सुनके बहुत खुश होती है. बेटे को इतना तरक्की देख उसके आँखों में ख़ुशी के आशु आ जाते हैं. और बोलती है की काश उसके पिता भी ये सब देखते तो बहुत ख़ुशी मिलती.

ये पल उन माँ और बेटे का बहुत ही खुशिवाला होता है. बेटा को कंपनी से बुलावा आ जाता है और वो शहर चला जाता है. इधर माँ कुछ दिन काफी ख़ुशी से रहती है की उसका बेटा अच्छी नौकरी पा गया है अब किसी चीज की दिक्कत नहीं होगी. धीरे धीरे काफी दिन हो जाते हैं मन के पास घर चलने के लिए यहाँ तक की खाने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं. इस Hindi story में आगे पड़े..

माँ जैसे तैसे कुछ दिन निकालती है. एक समय ऐसा आ जाता है की उसे २ दिन से भूखे सोना पड़ता है. कई महीने हो जाते हैं माँ बेटे का राह देखती रहती है की अब वो आएगा और उसे अपने पास ले जायेगा. मकान का किराया भी नहीं चूका पति है मकान वाला उसे घर से निकाल देता है. माँ पैदल रास्ते से जाती रहती है तभी बगल में उसे एक पुराणी छोपरी दिखती है बुडी माँ उसी छोटी सी छोपरी में रहने लगती है. आसपास के दुकानदारों से ये कहके सामान लेती है की उसका बीटा बहुत बड़ी कंपनी में अधिकारी है वो आने के बाद सब पैसा दे देगी.

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कुछ दिन बाद दुकानवाले भी सामान देने से मना कर देते हैं. माँ बेटे का रह देखते रहती उअसको बेटे की चिंता होने लगती है फिर सोचती है की उसको शहर जेक खुद धुन्देगी. माँ बेटे को ढूढने के लिए शहर के लिए रावण हो जाती है. उसके पास कुछ भी पैसे नहीं होते है. कैसे कैसे बिना टिकेट के ट्रेन से लोगो से पूछते हुए कैसे भी उस शहर पहुच जाती है जहा बेटे ने बताया था की उसकी job उस शहर में लगी है.

इतने बड़े शहर में उसे धुन्धना बहुत कठिन होता है. वहा पे रास्ते में आते जाते रस्ते में सबसे पुचाती है की उसके बेटो को जानते हो. वो बड़ी कंपनी में मेनेजर है. माँ को ना उसका पूरा पाता मालूम होता है और न ही उसके कंपनी का नाम. इधर उधर से मांग के पैसे कुछ खा के दिन काटती है की उसका बेटा मिल जायेगा और उसको अपने साथ ले जायेगा. बेटे को धुन्धने के लिए इधर उधर भटकती रहती है. बेटे का राह देखते देखते रोड के किनारे पेड़ के निचे सो जाती है.

दिन रात बेटे का एक झलक देखने के लिए रस्ते पे बैठी रहती है लोग रस्ते में जाते जाते उसे भिखारी समझ के कुछ पैसे उसकी तरफ फेक देते हैं आखिर क्या करे माँ उससे उसका कुछ तो पेट भर जाता है. रात दिन उसे रस्ते पे बैठ के लोगो को देखती रहती है की अब उसका बेटा आएगा. तभी वो जोर से चिल्लाती है बेटा -बेटा कहके एक लड़का एक लड़की के साथ बाजु के ढेले से आइसक्रीम खाते रहते हैं. माँ उसे बेटा बेटा बुलाती रहती है लेकिन वो लड़का देखने के बाद भी कोई जबाब नहीं देता है.

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फिर माँ उठके उसके पास जाती है और बोलती है बेटा मै तुम्हे कबसे ढूंड रही हूँ और तुम आज मिले. फिर उस लड़के के साथ जो लड़की होती है वो बोलती है ये भिखारी औउरत तुम्हे क्यों बार बार बेटा बुला रही है. वो लड़का बोलता है इन भिखारियों का पैसा मांगने का यही धंधा है. किसी आमिर को देखेंगे तो अपना बेटा बनाने लगती है. बुडी मन ये सुन के उसके आँखों से आशुं आने लगते हैं.

माँ बोलती है आज तो एक लड़की के साथ कुछ दिन क्या रह गया अपनी माँ को ही भूल गया. मई कई दिनों से इस रस्ते पे बैठ के तेरी रह देख रही थी और आज तू मिला भी तो मुझे ही भूल गया. तुझे इतना पढ़ाया लिखाया इसी दिन को देखने के लिए. लड़का वहा से जाने लगता है कुछ दूर जाता है तभी माँ उसे बोलती है मोहन तू मुझे छोड़ के जा रहा है तू तो बोला था की मुझे लेने आएगा.

लड़का मोहन और ये बाते सुनके रुक जाता है और बुडी माँ की तरफ गौर से देखने लगता है. देखते है जोर से दौड़ते हुए माँ की तरफ आ जाता है और उसके पैरों में गिर जाता है. माँ से लिपटकर रोने लगता है और बोलता है मै ही तेरा मोहन हूँ माँ. ये दृश माँ और बेटे का किसी के भी दिल को छु लेगा.

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मोहन बोलता है मुझसे गलती हो गयी मई माफ़ी के लायक भी नहीं हूँ. मेरी वजह से तुझे कितनी तकलीफ उठानी पड़ी. तेरी ये हालत देख के पहचान नहीं पाया. मुझे माफ़ कर दे माँ बहुत ही दुखी स्वर में बोलता है. माँ ने अपनी पूरी आपबीती सुनाई. बेटा माँ को लेके अपने घर चला जाता है. औए अपने माँ की खूब सेवा करता है.

कुछ दिन बाद उसकी शादी हो जाती है. पूरा परिवार हशी ख़ुशी साथ रहने लगता है. माँ का ममता अद्भुत होता है. माँ अपने बच्चों की हर गलती को माफ़ कर देती है. वो हर समय अपने बच्चों के लिए अपना प्यार बरसाती रहती है.

माँ सभी से यही निवेदन करूँगा माँ बाप का सहारा बने उन्हें जब जब तुम्हारी जरुरत पड़े उनके साथ खड़ा रहे. मुझे उम्मीद है ये कहानी आप लोगो को जरुर पसंद आई होगी. अगर आपको ये कहानी पसंद आई होगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे ताकि उन्हें भी मोटिवेशन मिले.

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