Matka कहानी के पिछले हिस्से में हमने पड़ा की लकड़हारे की लोकप्रियता देख राजा परेशान हो जाता है. अपने दरबार में अपने निजी लोगो के साथ मीटिंग रखता है. मीटिंग बिना रिजल्ट ख़तम

हो जाता है ये कहकर की कुछ भी एक्शन लेना इस समय ठीक नहीं होगा. कुछ समय और देखते हैं फिर सीक्रेट डिसीजन लिया जायेगा.

Matka

Matka- परी की कहानी Part 3

अब आगे की Matka कहानी में राजा बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है. लकड़हारे की लोकप्रियता और भी तेजी से बढ़ जाती है. लोकप्रियता इतनी ज्यादा बड़ जाती है की राजा के दरबार के बहुत

खाश लोग उसके साथ हो जाते हैं. सारी जानकारियां उसे समय पे देते रहते हैं.

उधर लकड़हारे के दिमाग में कुछ और ही चलता रहता है. एक दिन ऐसा आता है जब वो अपने पुरे गांव को शहर का रूप दे देता है. पूरा गांव एक अच्छा शहर हो वैसा शहर कही भी नहीं होता.

दूर दूर से लोग काम के लिए उस जगह या उस शहर में आने लगते हैं. राजा केवल है. धीरे धीरे अब उसको लाखो लोग माननेवाले हो जाते हैं.

लकड़हारे के गांव जिसको उसने एक अच्छे से शहर का रूप दे दिया था उस शहर के सभी लोग सुखी से रहने लगे. लकड़हारे के फॅमिली में दो लड़के उसकी पत्नी और वो रहता था. उसके एक

लड़के को उसी शहर की एक लड़की से प्यार हो गया. लकड़हारे ने उसकी शादी उस लड़की से करवा दी.

Matka के कहानी में आगे और भी इंटरेस्टिंग मोड़ आनेवाले थे. लकड़हारे के परिवार में एक नए सदस्य का जुड़ाव हुवा। ये बात राजा को पता चली. राजा ने अपने मंत्री को कहके एक ख़ुफ़िया

औरत को उस लड़की के मायके घर के लोगो से मेल जोल रखने को कहा. और उससे कहा की उन लोगो से बात करके उस लकड़हारे के घर के बारे में भी पता लगाए.

लकड़हारा अपने आसपास के गांव को अलग रूप दे देता है

मंत्री ने एक औरत को उसके लड़की के मायके भेज दिया। काफी दिन हो गए. लकड़हारे ने अपने आसपास के कई गाओं को शहर का रूप दे दिया। अब राजा से कई गुना लोग उस लकड़हारे को

माननेवाले हो गए. एक दिन लकड़हारे की पत्नी ने उसके लड़के से पूछा की मैंने सुना था की पिताजी पहले लकड़ी काटके परिवार चलते थे. और हम लोग काफी गरीब थे अचानक से कैसे अमीर

हो गए.

तब उस लडके ने बोला की ये बहुत सीक्रेट बात है सबको नहीं बता सकते. उसकी पत्नी बोली हम तो परिवार का हिस्सा हैं हमें भी नहीं बता सकते. हम भी परिवार के अच्छे के बारे में सोचते हैं.

लड़का बोलता है मै जानता हूँ लेकिन ये इतना सीक्रेट है की पिताजी ने ये बात राजा तक को नहीं बताई.

जब राजा ने उनको गिरफ्तार करके अपने दरबार में ले गए थे और झूठ बोलने पर सजा देने की भी बात कही थी. तब उसकी पत्नी ने बोलै की सुना है की उस समय तब पिताजी ने किसी Pari के

बारे में बताया था. तब लड़के ने बोला हाँ वो बात भी सही है लेकिन उस कहानी का सीक्रेट पार्ट उन्होंने नहीं बताया. तब पत्नी ने बोला ऐसा क्यों जब उन्होंने इतना बता दिया था तो कौन सी ऐसी बात

थी जो उन्होंने सीक्रेट रखी और राजा को नहीं बताई.

तब लड़का बोला ये तो सबसे सीक्रेट है जो हम आजतक किसी बाहरवाले को नहीं बताये। पत्नी बोली ठीक है मुझे भी मत बताओ मुझे भी बाहरवाली ही समझते हो. उसकी पत्नी नाराज होके वहां से

चली जाती है. लड़का भी पिताजी के वचनो से बंधा था आखिर उसके पुरे परिवार की बात थी. अगर ये बात थोड़ा भी किसी बाहरी को पता चलती तो वो राजा तक भी चल जाती.

राजा की तरफ से इनामी घोषणा

उधर राजा उस लकड़हारे की प्रसिद्धि देख इनाम की घोषणा कर देता है की जो भी व्यक्ति उस लकड़हारे के सीक्रेट के बारे में बता देगा की आखिर वो इतना धन कहा से पाता है तो उसे मुँह मांगी

रकम दी जाएगी. ये बात पुरे जिले में आग की तरह फ़ैल जाती है.

लकड़हारे को भी ये बात की भनक लग जाती है की राजा को शक हो गया और उसने इनाम की भी घोसना कर दी है. लकड़हारा और भी चौकन्ना हो जाता है. महल के दूसरे लोगो को अपने

परिवार से दुरी बनवा देता है. उधर उसके लड़के की पत्नी उससे नाराज होकर खाना भी छोड़ देती है.

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उसका लड़का उसे मनाने की पूरी कोसिस करता है लेकिन वो नहीं मानती है. बोलती है की तुम मुझे अपना परिवार नहीं समझते, मुझसे प्यार भी नहीं करते। तब लड़का बोलता है नहीं बहुत प्यार

करता हूँ और तुम परिवार का ही हिस्सा हो. तब उसकी पत्नी बोलती है अगर परिवार का हिस्सा हैं तो मुझे भी जानने का हक़ है की आखिर वो क्या सीक्रेट है जो उसे नहीं बता सकते. तब लड़का

उसे कसम दिला है की तुम ये बात किसी बाहरी को नहीं बताओगी. उसकी पत्नी भी एग्री हो जाती है.

लड़का मटका के बारे में अपनी पत्नी को बता देता है

तब लड़का बोलता है की उस दिन जो परी निकली थी वो एक सोने के Matka से निकली थी जो वहां पे रखा था और प्रकाश भी उसी Matka से निकला था. और वो मटके अब हमारे पास ही

रहता है. उस मटके की खासियत ये है की उस मटके से जो चीज भी मांगो वो सब मिल जाता है. ये सब बाटे उसकी पत्नी सुनकर सन्न रह जाते है. उसकी पत्नी फिर से नार्मल रहने लगती है.

समय बीतते गया और एक दिन उसकी पत्नी अपनी मायके चली जाती है. उधर राजा को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला. तभी लकड़हारे के लड़के की पत्नी अपने मायके जाके कुछ दिन हो गए थे

तभी उसकी माँ उससे पूछती है की आखिर उसके घरवाले इतना आमिर कैसे हो गए. वो Pari कैसे मिल गयी थी. राजा ने जिस औरत को भेजा था उस लड़की के मायके वो और भी ध्यान लगाने

लगी और ज्यादातर उसके ही घर रहती थी.

Matka के कहानी में आगे बहुत ही उलटफेर होनेवाला था. Matka के कहानी में आगे पार्ट ४ जरूर पढ़े.