Golden Matka (मटका): पिछली कहानी के हिस्से में आपने पढ़ा की मंत्री सब देख के वापस चला जाता है. अब इसके आगे की कहानी पढ़िए. मंत्री वापस जाने के बाद राजा से साडी बातें

बताता है. ये सब सुनके राजा को विश्वास नहीं होता है. फिर राजा अपने सैनिकों को लकड़हारे को उसके दरबार में लाने का आदेश देता है.

सैनिक गांव में जाते हैं और उस लकड़हारे को राजा के दरबार में लाते हैं. लकड़हारे को राजा के दरबार में पेश किया जाता है. सुनवाई चालू होती है. राजा पूछता है की मैंने सुना है तुम रातों रत

आमिर हो गए. और एक सुन्दर सा विशाल महल भी बनवा लिया। आखिर ये सब कैसे हुआ. पूरी कहानी बताओ.

Golden Matka

ये सुन के लकड़हारा राजा के सामने बहुत घबरा जाता है. कुछ बोल नहीं पता है. तब राजा फिर से बोलता है बताओ आखिर ये सब कैसे हुआ. तब लकड़हारा बोलता है महाराज ये सब उसके

मेहनत का नतीजा है. फिर राजा बोलता है कैसा मेहनत, तुमने कौन सा मेहनत कर दिया की रातो रत सब बदल गया.

Golden Matka- मटका Story in Hindi

लकड़हारा फिर कुछ नहीं बोलता है. तब राजा बहुत गुस्से में बोलता है सही सही बताओ नहीं तो कठोर दंड दिया जायेगा. लकड़हारा बहुत दुखी हो जाता है और सोचता है की गरीब आदमी को

अमीर बनाना गुनाह है. तब लकड़हारा बोलता है की ठीक है अगर उसने सब सच बता दिया तो उसे आजाद कर दिया जायेगा. कोई दंड नहीं मिलेगा.

राजा बोलता है नहीं। तुमने अगर सब सच बताया तो तुम्हे कुछ नहीं दंड दिया जायेगा अगर झूठ बोलै तो उसका दंड जरूर मिलेगा. ये सुनके लकड़हारे को थोड़ा सुकून भी मिला और थोड़ा दर भी

गया. लकड़हारे ने बात बतानी सुरु की. लकड़हारा बोलता है की कुछ दिन पहले की बात है हर दिन की तरह वो साथ लकड़ी कटाने जंगल में गया. इसबार दूसरे जंगल में गया जो बहुत ही घना था.

जंगल में जाते जाते ये सोच रहा था की उसे अगर वह खजाना मिल जाता तो आमिर हो जाता। और इतना मेहनत नहीं करना पड़ता और नहीं ही ऐसी जिंदगी जिनि पड़ती. तभी कुछ आगे एक पेड़

के सामने बहुत तेज रोशनी अचानक से दिखाई देने लगी. सभी लोग घबरा गए ये कैसी रोशनी है. तब थोड़ा आगे रोशनी के नजदीक गए. और थोड़ी ही देर बाद वहा पे एक Golden Matka था

और Golden Matka से एक सुन्दर सी Pari निकली। हम सभी लोग ये दृश्य देख के आश्रय चकित हो गया और थोड़ा डर भी लग रहा था.

चटका मटका ki Kahani in Hindi

उस Pari ने बोला की तुम बहुत सच्चे दिलवाले इंसान हो और बहुत ही कर्मफल मेहनती भी हो। तुम्हे इसका फल जरूर मिलना चाहिए। और उसने बोलै तुम जो भी चीज चाहिए खुल के मांगो सभी

मांगे मिलेंगी. तब उस समय हमने अपने जरूरत के हिसाब से जीतनी भी चीजे मांगी सभी पूरी होती चली गयी. और लास्ट में हमने माँगा की क्या एक सुन्दर सा महल जैसा दिखानेवाला घर मिल

सकता है. तब Pari ने बोला हाँ जरूर.

Pari बोलती है ठीक है तुम्हे एक सुन्दर सा महल मिल जायेगा। तुम्हारी पुरानी झोपड़ी एक सुन्दर से महल में बदल जाएगी. उसके बाद वो पारी वह से गायब हो जाती है. जब वापस घर की तरफ

जाते हैं तो झोपड़ी एक महल में बदल जाती है. ये देख के विश्वास नहीं होता. लकड़हारा ये सब बाटे बताते टाइम सोने के मटके की बात नहीं बताता है उसे दर था की अगर उसने बता दिया तो राजा

उस मटके को अपने पास ले लेगा.

ये पूरी कहानी सुनके राजा और उसके दरबार में बैठे सभी लोगो को विश्वास नहीं होता कितने तो उसकी बातो को मजाक समझ के हसने लगते हैं. लेकिन ये सब बातो पे विश्वास करने के सिवा और

कुछ नहीं किया जा सकता था. राज उसकी बातो को मान लेता है और उसे छोड़ देता है. लकड़हारे को जाने के बाद राजा अपने मंत्री को उसके ऊपर नजर रखने को बोल देता है. राजा सोचता है

उसके पास जो भी खजाना होगा वो तो सिमित होगा ख़तम होने के बाद फिर से वो जंगल में जायेगा और फिर से उस पारी से मांग करेगा.

-: Golden Matka परी कहानी 2021:-

राजा के मंत्री चौबीसो घंटे लकड़हारे के ऊपर नजर बनाये रहते हैं. उधर लकड़हारा दिन प्रति दिन आमिर होते जाता है. अपने यहाँ बहुत लोगो को काम पे रख लेता है. उन्हें राजा से भी ज्यादा पैसे

देता है. उनके लिए रहने खाने पहने की भी सुविधा देता है.अब लकड़हारा एक राजा की तरह रहने लगता है. उसके महल और उसके साथ हजारो लोग रहते हैं.

कई गांव के लोग राजा से ज्यादा उस लकड़हारे को अपना राजा समझने लगते हैं. धीरे धीरे राजा की वैल्यू ख़तम हो रही थी. ये सब राजा को देखा रहा था उसकी आँखों के सामने उसके लोग उससे

ज्यादा उस लकड़हारे को मानने लगते हैं. राजा के समझ में नहीं आता की वो क्या करे. दूसरे दिन अपने दरबार में अपने सभी विद्वान् लोगो की दरबार में मीटिंग बोलता है जिसमे उसके खास लोग

ही सम्मलित होते हैं.

राजा अपने मंत्री को बोलता है आखिर ये लकड़हारा इतना अमीर कैसे हो रहा है. समय के हिसाब से उसका खजाना ख़तम हो जाना चाहिए था लेकिन वो और भी अमीर कैसे होते जा रहा है. लोग

हमसे काम और उससे ज्यादा जुड़ने लगे हैं. अगर ऐसा ही चला तो हमारी वैल्यू ख़तम हो जाएगी. मंत्री बोलता है की वो तो अब जंगल में भी नहीं जाता हम हमेसा चौबीसो घंटे नजरे रखे रहते हैं.

जब इंसान कर्म छोड़कर अधर्म की ओर चला जाये तब समझो अंत आ गया

दरबार में बैठे दूसरे लोग बोलते हैं की महाराज उसको बंदी बनाके दरबार में लाया जाये और उससे कठोरता से पूछ ताछ की जाये तब वो अपने आप सारी बाते बता देगा.

राजा बोलता है इस समय ऐसा करना ठीक नहीं वरना लोग और भी उसके खिलाफ हो जायेंगे. कुछ दिन और देख लेते हैं फिर कुछ सीक्रेट कदम उठाने होंगे. वर्ना ऐसे ही चलता रहा तो हमें कोई

भी कुछ नहीं समझेगा. मंत्री बोलता है की वह पे जो भी लोग उसके लिए काम कर रहे हैं वो उनके लिए हर सुविधा दे रहा है जो हम अपना पूरा खजाना खाली कर दे तो भी नहीं दे पाएंगे. वो उनके

लिए अच्छे घर, खाना, कपडे और उनके पुरे परिवार का खर्च भी वही देख रहा है. जैसे मानो वो राजा से भी बड़के है. मीटिंग ख़तम हो जाती है.

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