मटका ki kahani; एकबार एक लकड़हारा अपने परिवार के साथ जंगल में लकड़ी काटने के लिए जंगल में गया. जंगल काफी घना था. लकड़हारा मन ही मन सोच रहा था की उसको खजाने से

भरा मटका मिल जाये.

आगे लकड़ी काटने के लिए जैसे ही आगे बढ़ता है. तभी उसे एक प्रकाश दिखने लगता है. सभी लोग देख के आश्चर्य चकित हो जाते हैं. जब लकड़हारा और उसकी फॅमिली उस उजाले के नजदीक

पहुंचते हैं. तभी रोशनी बंद हो जाती है. और एक सोने का मटका पड़ा हुआ दिखाई देता है.

मटका

मटके Ki kahani

लकड़हारा जैसे ही मटके को उठाने जाता है तभी एक अचानक सी सुंदर सी Pari मटका से निकलकर बाहर आ जाती है. ये देखकर सभी दर जाते हैं. लकड़हारा को समझ नहीं आता की ये क्या

हो रहा है. ये कही भूत तो नहीं. फिर उसकी वाइफ बोलती है नहीं ये तो पारी है. जो हम लोग अक्सर कहानियों में सुना करते थे.

लकड़हारा ये देखकर स्तब्ध रह गया. तभी वो पारी बोलती है की ये मटका कोई मामूली मटका नहीं है. तुम इस मटके से जो भी मांगोगे वो सब मिल जायेगा. लेकिन उससे मांगी गयी चीजों से किसी

को हानि या दुःख मत पहुचना।

तब लकड़हारा बोलता है आप कौन हो तो पारी बोलती है इस मटके की जान हूँ जब भी पुकारोगे तब आ जाउंगी. फिर पारी बोलती है तुम्हारा दिल बहुत ही नेक है इसलिए मई तुम्हारी मदद के

लिए आगयी. लकड़हारा ये सुनकर बहुत खुश हो जाता है. उस जादुई मटके को लेके घर चला जाता है.

पूरा परिवार बहुत खुश होता है लेकिन अंदर ही अंदर घबराया हुआ भी रहता है. घर पहुंचने के बाद सभी को भूख लगी रहती है. घर का दरवाजा बंद कर देते हैं. फिर लकड़हारा मटके को बोलता

है की खाना मंगवाया जाये. हमें भूख लगी है. तबाही ये सुनके मटके से Pari बाहर आ जाती है. बाहर आने के बाद Pari बोलती है ठीक ये लो खाना। उसके बोलते ही. ढेर सारे तरह तरह के भोजन

उन लोगो के सामने आ जाते हैं.

Golden मटका, और परी की कहानी

लकड़हारा और उसका पूरा परिवार काफी खुश हो जाता है. सभी स्वादिस्ट खाना कहते हैं जो वैसा खाना कभी जिंदगी में नहीं सोचे थे. खाने के बाद सभी के ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता है.

लकड़हारे की वाइफ बोलती है मटके से ढेर सारे नए नए कपडे और गहने मांगो. तब लकड़हारा पारी को पुकारता है और बोलता है हमें अच्छे अच्छे कपडे और गहने चाहिए. ये कहते ही मटके से

परी निकलती है और और सभी के लिए अच्छे अच्छे कपडे और गहने मिल जाते हैं.

सभी नए नए कपडे पहनते हैं और गहने भी. लकड़हारा अपनी जरूरतों के सरे सामान उस परी से मांग लेता है. अपने घर को भी एक महल जिसे बनवा देता है. सभी बहुत ही अमीर हो जाते हैं.

दूसरे दिन दिन गाओं के लोगो की नजर उस महल के पास पड़ती है. सभी आश्चर्य चकित हो जाते हैं की यहाँ तो झोपड़ी थी और अचानक से महल कहा से आ गया.

Satta जिंदगी का

ये बात धीरे धीरे पुरे गांव में आग की तरह फैल गयी. सभी लोग उस महल को देखने आने लगे. महल इतना सुन्दर था की वह के राजा का भी महल उसके सामने फीका नजर आ रहा था. ये बात

वहा के राजा को पता चली. लकड़हारे ने अपने महल में नौकर चाकर भी रख दिए.

सभी लोगो ने उस लकड़हारे और उसकी फॅमिली से पूछना चाहा की आखिर ये सब कैसे हो गया इतना जल्दी. अचानक से इतना आमिर और इतना सुन्दर महल कैसे बन गया. तभी सभी ने एक

जैसा ही उत्तर दिया की ये उन लोगो के नसीब और मेहनत का फल है.

मटका से अचानक अमीरी तक

ये सब सुनके के वहा के राजा ने अपने मंत्री को लकड़हारे के घर भेजा देखने के लिए. राजा का मंत्री आम नागरिक बनके वहां पे जाता है. जाते ही वो भी महल को देखकर दांग रह जाता है. मंत्री

सोचता है ये महाराज के महल से भी काफी सुन्दर है. आखिर ये इतना जल्दी इतना सुन्दर महल कैसे बन गया.

और मन ही मन सोचता है ये जरूर कुछ अदृश्य सकती का नतीजा है. मंत्री महल के गेट के पास पहुँचता है और वह के गेट के पास खड़े आदमी से पूछता है की आखिर ये आदमी इतना आमिर

कैसे बना. ये सुन्दर महल इतना जल्दी कैसे बन गया.

तब वहां के नौकर ने बोला की ये उसके मालिक के मेहनत का नतीजा है. उनके मेहनत hard work और नसीब का फल है.

Kalyan – Hamesa mehnatvalo ka hi hota hai

सभी लोगो ने उस लकड़हारे और उसकी फॅमिली से पूछना चाहा की आखिर ये सब कैसे हो गया इतना जल्दी. अचानक से इतना आमिर और इतना सुन्दर महल कैसे बन गया. तभी सभी ने एक

जैसा ही उत्तर दिया की ये उन लोगो के नसीब और मेहनत का फल है.

ये सब सुनके के वहा के राजा ने अपने मंत्री को लकड़हारे के घर भेजा देखने के लिए. राजा का मंत्री आम नागरिक बनके वहां पे जाता है. जाते ही वो भी महल को देखकर दांग रह जाता है. मंत्री

सोचता है ये महाराज के महल से भी काफी सुन्दर है. आखिर ये इतना जल्दी इतना सुन्दर महल कैसे बन गया.

और मन ही मन सोचता है ये जरूर कुछ अदृश्य सकती का नतीजा है. मंत्री महल के गेट के पास पहुँचता है और वह के गेट के पास खड़े आदमी से पूछता है की आखिर ये आदमी इतना आमिर

कैसे बना. ये सुन्दर महल इतना जल्दी कैसे बन गया.

तब वहां के नौकर ने बोला की ये उसके मालिक के मेहनत का नतीजा है. उनके मेहनत और नसीब का फल है. ये सुनके वो मंत्री वहा से चला जाता है.

आगे की कहानी नेक्स्ट पार्ट में जरूर पढ़े